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मैं सोना चाहता हूँ थोड़ी देर सब भूलना चाहता हूँ

युवा कविता में तुषार धवल की आवाज बेहद अलग है और अकेली भी. कविता के शिल्प और भाषा को लेकर तो वे लगातार प्रयोग करते रहते हैं. हर बार अक नया मुहावरा बनाते हैं फिर उसको तोड़ देते हैं. कंटेंट तो ‘पावरफुल’ होता ही है. इन दिनों वे लंबी कविताएँ …

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महान नहीं लेकिन जरुरी लेखक हैं नरेन्द्र कोहली

नरेन्द्र कोहली को व्यास सम्मान मिलने पर मेरा यह लेख आज के ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में प्रकाशित हुआ है. नरेन्द्र कोहली कोई महान लेखक नहीं हैं लेकिन एक जरुरी लेखक जरुर हैं. ऐसा मेरा मानना है- प्रभात रंजन ===============      नरेन्द्र कोहली को वर्ष 2012 का व्यास सम्मान दिया गया …

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बन के सब चिल्ला पड़े- धिक्-धिक् है यह कौन!

नामवर सिंह की हस्तलिपि में मैंने पहली बार कुछ पढ़ा. रोमांच हो आया. इसका शीर्षक भले ‘एक स्पष्टीकरण’ है, लेकिन ऐसा लगता नहीं है कई यह किसी के लिखे विशेष के सन्दर्भ में दिया गया स्पष्टीकरण है. आप सब पढ़िए और निर्णय कीजिये- प्रभात रंजन. (नोट- साथ में, मूल पत्र …

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