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दैहिक गरिमा के भीतर-बाहर

अनामिका और पवन करण की कविताओं पर चली बहस में आज युवा लेखिका विपिन चौधरी की टिप्पणी- जानकी पुल.  =========  विश्व स्तर पर जिस बीमारी से १०.९ मिलियन महिलाएं जूझ रही हों उसी बीमारी और उस अंग विशेष को लेकर लिखी गयी कविताओं से परिणामस्वरूप सामने आई प्रतिक्रियों से एक …

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यह (उनकी) पोर्नोग्राफी नहीं, (आप की) गुंडागर्दी है

अनामिका और पवन करण की कविताओं पर ‘कथादेश’ में शालिनी माथुर के लेख के प्रकाशन के बाद उन कविताओं के कई पाठ सामने आए. आज वरिष्ठ लेखक-पत्रकार राजकिशोर का यह लेख- जानकी पुल. =============================================================== स्तनों पर लिखना बहुत मुश्किल है। स्तनों पर कुछ लिखा गया हो, तो उस पर  विचार …

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कुछ भी ठोस नहीं रहता, सब पिघलता जा रहा है

युवा मीडिया समीक्षक विनीत कुमार की पुस्तक ‘मंडी में मीडिया’ की यह समीक्षा मैंने लिखी है. आज ‘जनसत्ता’ में प्रकाशित हुई है- प्रभात रंजन ================================ जब युवा मीडिया विमर्शकार विनीत कुमार यह लिखते हैं कि ‘मेरे लिए मीडिया का मतलब इलेक्ट्रानिक मीडिया ही रहा है’, तो वास्तव में वे इस …

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