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आरसी प्रसाद सिंह की कहानी ‘भाग्यचक्र’

यह साल कवि-लेखक आरसी प्रसाद सिंह की जन्मशताब्दी का भी साल है. प्रस्तुत है उनकी एक कहानी- त्रिपुरारि कुमार शर्मा. दिन भर कवि शहर की तमाम गलियों में इधर से उधर चक्कर लगाता रहा; किंतु किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। उसने कभी किसी की खुशामद नहीं की थी …

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आत्मा के संलाप के लिये तुम हो

हाल में ही वाणी प्रकाशन से एक पुस्तक आई है ‘भैरवी: अक्क महादेवी की कविताएँ’. वीरशैव संप्रदाय की अक्क महादेवी की कुछ कविताओं का बहुत सुन्दर अनुवाद युवा कवि-संगीतविद यतीन्द्र मिश्र ने किया है. मैंने पढ़ा तो सोचा कि आपसे साझा किया जाए- जानकी पुल. वीरशैव सम्प्रदाय, जिसे प्रचलित अर्थों …

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बात इतनी सपाट हो जाएगी कि कला नहीं रहेगी

आर. चेतनक्रान्ति की कविताएँ किसी आशा, किसी विश्वास की कविताएँ नहीं हैं, न ही स्वीकार की.  वे नकार के कवि हैं, उस नकार के जो आज मध्यवर्ग की संवेदना का हिस्सा है. ‘भयानक खबर’ के इस कवि ने हिंदी कविता को नया स्वर दिया, नए मुहावरे दिए. भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार …

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