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विशाखा मुलमुले की कुछ कविताएँ

विशाखा मुलमुले समकालीन कविता का जाना-पहचाना नाम है। आज उनकी कुछ कविताएँ पढ़िए- =================   1 ) जाने तक के लिए —————————-   जाने तक के लिए फूलों तुम दिखला दो अपनी रंग सुगन्ध कपास तुम घेर लो बन के कोमल वसन अंत समय तो द्वार बंद होंगे नासिका के …

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कोबाल्ट ब्लू : लेबलिंग से पूरी तरह से गुरेज

नेटफलिक्स पर एक फिल्म है ‘कोबाल्ट ब्लू’, इसकी बहुत अच्छी समीक्षा लिखी है किंशुक गुप्ता ने। किंशुक गुप्ता मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ लेखन से कई वर्षों से जुड़े हुए हैं। अंग्रेज़ी की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कविताएँ और कहानियाँ प्रकाशित। द हिंदू, द हिंदुस्तान टाइम्स, द …

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विनोद शाही की ग्यारह कविताएं

आज पढ़िए जाने माने कवि-आलोचक विनोद शाही की कविताएँ। समकालीन संद्र्भों में प्रासंगिक कविताएँ- =======================     1 प्रगति के अंडे   एक फूल खिला वनस्पति की एक तितली उग आई।   एक प्रेमी ने कहा, सुंदर है चलो इसका नाम रति रख देते हैं।   उसे देख, आकाश में …

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