Recent Posts

प्राण के निधन के साथ हम सबका बचपन हमसे छिन गया

चाचा चौधरी, साबू, श्रीमती जी, पिंकी, चन्नी चाची और राका जैसे किरदारों के रचयिता कार्टूनिस्ट प्राण के जाने से हमारे बचपन का एक बड़ा हिस्सा हमसे जुदा हो गया. उनको याद करते, उनकी मुलाकातों को याद करते हुए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने बहुत आत्मीय लेख लिखा है- मॉडरेटर. =================================================== …

Read More »

दलाल की बीवी की आंखें

कुछ लेखक परम्परा निर्वाह करते हुए लिखते हैं, कुछ अपनी परम्परा बनाने के लिए. रवि बुले ऐसे ही लेखक हैं. उनका पहला उपन्यास ‘दलाल की बीवी’ शीर्षक से चौंकाऊ लग सकता है, मगर यह संकेत देता है कि भविष्य के उपन्यास किस तरह के हो सकते हैं. पढ़ते हुए मुझे …

Read More »

कुछ इज़रायली कविताएँ प्रभात रंजन के अनुवाद में

इजरायल के कुछ कवियों की कविताओं के मैंने अनुवाद किये थे. आज उनमें से कुछ ‘दैनिक हिंदुस्तान’ में प्रकाशित हुए हैं. उनमें से दो प्रसिद्ध हैं येहूदा अमीखाई और हिब्रू भाषा की महान कवयित्री दहलिया रविकोविच की कविताएं यहाँ प्रस्तुत हैं- प्रभात रंजन ============================ येहूदा अमीखाई की कविताएं   जर्मनी …

Read More »