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मुखौटा इंसान की सबसे बड़ी ज़रूरत है

कुछ कवि ऐसे होते हैं जिनको न ईनाम-इकराम मिलते हैं, न कविगण उनको अपनी जमात का मानते हैं, लेकिन इससे उनकी कविताओं की धार कम नहीं होती है. मुझे लगता है कि हिंदी कविता में आज अगर कुछ ताजगी नजर आती है तो ऐसे कवियों की कविताओं में ही. त्रिपुरारि …

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प्रेमचंद का ख़त सज्जाद जहीर के नाम

प्रेमचंद का यह पत्र सज्जाद ज़हीर के नाम है जिसमें प्रगतिशील लेखक संघ की बातें हो रही हैं. इसे हिंदी में  हमारे लिए पेश किया है सैयद एस. तौहीद ने- मॉडरेटर  ——————————————- डियर सज्जाद,   तुम्हारा खत मिला। मैं एक दिन के लिए ज़रा गोरखपुर चला गया था और वहां …

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भारतीय दृष्टिकोण से विश्व सिनेमा का सौंदर्यशास्त्र

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने विश्व सिनेमा पर यह श्रृंखला शुरू की है. विश्व सिनेमा को समझने-समझाने की कोशिश में. मुझे नहीं लगता कि इस तरह से विश्व सिनेमा के ऊपर हिंदी में कभी लिखा गया है. सिनेमा के अध्येताओं और उसके आस्वादकों के लिए समान रूप से महत्व का. …

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