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दिन एक सितम, एक सितम रात करो हो

पटना लिटरेचर फेस्टिवल में जो लोग शामिल हुए उनके लिए शायर कलीम आजिज़ को सुनना भी एक यादगार अनुभव रहा. शाद अज़ीमाबादी की परंपरा के इस शायर ने उर्दू के पारंपरिक छंदों में कई ग़ज़लें कही हैं और वे बेहद मशहूर भी हुई हैं. उनकी कुछ ग़ज़लें इमरजेंसी के दौरान …

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बुद्ध की धरती पर ऐतिहासिक बौद्धिक आयोजन

होली से ऐन पहले पटना में विभिन्न भाषाओं के लेखकों का रंगारंग आयोजन रहा पटना लिटरेचर फेस्टिवल. २२ मार्च की शाम पटना के तारामंडल ऑडिटोरियम में फरहत शहज़ाद के शेरों-नज्मों ने समां बाँधना शुरु किया और विदुषी गायिका कुमुद झा दीवान ठुमरी, होरी और चैती के संगीत स्वर रोशन किए. …

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क्या आप मनोरंजन ब्यापारी को जानते हैं?

मैं भी नहीं जानता था. पहली बार यह नाम अपनी प्रिय लेखिका अलका सरावगी के उपन्यास ‘शेष कादम्बरी’ में पढा था. वे दिन धुआंधार समीक्षा लिखने के थे. मैंने मनोरंजन ब्यापारी नाम को इंटरटेंमेंट इंडस्ट्री से जोड़ा. जाहिर है, उस नाम को मैंने काल्पनिक समझा और मैंने यह लिखा उस …

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